नवपाषाण काल (Neolithic Age)
नवपाषाण काल (Neolithic Age) मानव इतिहास का वह महत्वपूर्ण चरण है जब इंसान ने शिकार और भोजन संग्रह से आगे बढ़कर खेती और स्थायी जीवन शुरू किया। इसे “नया पाषाण युग” भी कहा जाता है।
नवपाषाण काल की मुख्य विशेषताएँ
कृषि की शुरुआत
- इस काल में पहली बार लोगों ने खेती (farming) करना शुरू किया।
- गेहूँ, जौ, चावल जैसी फसलें उगाई जाने लगीं।
पशुपालन
- इंसानों ने गाय, भेड़, बकरी जैसे जानवरों को पालना शुरू किया।
- इससे दूध, मांस और अन्य जरूरतें पूरी होने लगीं।
स्थायी निवास
- पहले लोग घुमंतू थे, लेकिन अब एक जगह बसने लगे।
- मिट्टी और लकड़ी के घर बनाए गए।
उन्नत औज़ार
- पत्थर के औजार पहले से ज्यादा चिकने और तेज बनाए गए।
- कुल्हाड़ी, हंसिया आदि का इस्तेमाल हुआ।
मिट्टी के बर्तन (Pottery)
- भोजन रखने और पकाने के लिए मिट्टी के बर्तन बनाए गए।
सामाजिक जीवन
- गांव बसने लगे, समाज और सहयोग की भावना बढ़ी।
- काम का बंटवारा (division of labor) शुरू हुआ।
भारत में नवपाषाण काल के प्रमुख स्थल
- मेहरगढ़
- बुर्जाहोम
- चिरांद
- दाओजाली हाडिंग
समय अवधि
लगभग 8000 ईसा पूर्व से 3000 ईसा पूर्व तक (क्षेत्र के अनुसार अलग-अलग)महत्व
- मानव जीवन में सबसे बड़ा बदलाव इसी काल में आया
- यहीं से सभ्यता (Civilization) की शुरुआत हुई
- कृषि और स्थायी जीवन ने आगे चलकर शहरों और संस्कृतियों को जन्म दिया