मध्यपाषाण (Mesolithic)
मध्यपाषाण काल (Mesolithic Age) प्रागैतिहासिक काल का वह चरण है जो पुरापाषाण (Paleolithic) और नवपाषाण (Neolithic) काल के बीच आता है। इसे “मिडिल स्टोन एज” भी कहा जाता है।
समय अवधि
लगभग 12,000 वर्ष पहले से 8,000 वर्ष पहले (भारत में लगभग 10,000–4,000 ईसा पूर्व तक)मुख्य विशेषताएँ
छोटे औज़ार (Microliths)
- इस काल में लोग छोटे, तेज पत्थर के औज़ार बनाते थे।
- ये औज़ार लकड़ी या हड्डी के साथ जोड़कर इस्तेमाल किए जाते थे (जैसे तीर-कमान)।
भोजन और जीवन शैली
- शिकार, मछली पकड़ना और फल-फूल इकट्ठा करना जारी रहा।
- लेकिन धीरे-धीरे पशुपालन और खेती की शुरुआत के संकेत मिलने लगे।
स्थायी जीवन की शुरुआत
- लोग पूरी तरह घुमंतू नहीं रहे, बल्कि कुछ समय एक ही जगह रहने लगे।
- झोपड़ियों या अस्थायी घरों का निर्माण शुरू हुआ।
कला और संस्कृति
- गुफाओं की दीवारों पर चित्र बनाए जाते थे (शिकार, नृत्य आदि)।
- ये चित्र हमें उनके जीवन और सोच के बारे में बताते हैं।
दफनाने की परंपरा
मृतकों को जमीन में दफनाने की शुरुआत हुई, जिससे धार्मिक विश्वासों के संकेत मिलते हैं।
भारत के प्रमुख स्थल
- भीमबेटका गुफाएँ
- बागोर
- सराय नाहर राय
पुरापाषाण से अंतर
- औज़ार छोटे और उन्नत हुए
- जीवन थोड़ा स्थिर हुआ
- पशुपालन/खेती की शुरुआत