मिस्र की सभ्यता
मिस्र की सभ्यता (Ancient Egyptian Civilization) दुनिया की सबसे प्राचीन और विकसित सभ्यताओं में से एक थी, जो लगभग 3100 ईसा पूर्व से लेकर 30 ईसा पूर्व तक मिस्र में विकसित हुई।
प्रमुख विशेषताएँ
नील नदी का महत्व
- मिस्र की सभ्यता का विकास नील नदी के किनारे हुआ
- इसे “मिस्र का जीवन” कहा जाता था
- नदी हर साल बाढ़ लाती थी, जिससे जमीन उपजाऊ बनती थी
शासन व्यवस्था (फराओ)
- मिस्र का शासक फराओ (Pharaoh) कहलाता था
- फराओ को भगवान का रूप माना जाता था
- प्रसिद्ध फराओ: तुतनखामुन, रामेसेस द्वितीय
पिरामिड और वास्तुकला
गीज़ा का महान पिरामिड दुनिया के सात अजूबों में शामिल है- पिरामिड फराओ के मकबरे थे
- इनके निर्माण में अत्यधिक तकनीकी कौशल था
धर्म और मान्यताएँ
मिस्रवासी कई देवी-देवताओं को मानते थेप्रमुख देवता:- रा (सूर्य देव)
- ओसिरिस (मृत्यु के देवता)
- वे मृत्यु के बाद जीवन (afterlife) में विश्वास करते थे
ममी (Mummification)
- मृत शरीर को सुरक्षित रखने की प्रक्रिया को ममी बनाना कहते हैं
- इसे इसलिए किया जाता था ताकि आत्मा वापस शरीर में आ सके
लेखन प्रणाली (Hieroglyphics)
- मिस्र की लिपि को हाइरोग्लिफिक्स कहते हैं
- चित्रों और चिन्हों के माध्यम से लिखते थे
विज्ञान और ज्ञान
- गणित, चिकित्सा और खगोल विज्ञान में उन्नत ज्ञान था
- कैलेंडर और समय मापने की प्रणाली विकसित की